इसी तरह से प्रदेश में कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें परिवार के कई सदस्य सफेद नशे के आदी पाए जा चुके हैं। शिमला के संजौली में पिछले दिनों चिट्टे के साथ गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में पता चला है कि इसमें से एक युवक का भाई पहले ही चिट्टे की ओवरडोज के कारण काल का ग्रास बन चुका है और वह खुद भी लंबे समय से चिट्टे का आदी है। सफेद रंग के दिखने वाला यह जहर युवाओं की अकस्मात मौत का कारण बन रहा है तो वहीं नशे की पूर्ति के लिए कई युवा अपराधी बनते जा रहे हैं। कई युवा अपने घर में चोरी करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में युवा अपनी मां के गहनों तक को बेचकर नशा खरीदते हुए पकड़े गए। शिमला पुलिस दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत दूसरे राज्यों से हो रही चिट्टे की अवैध तस्करी को रोकने के लिए दिनरात कर रही है। इसके बावजूद नशा रुकने का नाम नहीं ले रहा।
चिट्टे का नशा युवाओं को ही नहीं, अब हर आयु वर्ग के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले रहा है। इस वजह से कई परिवार बर्बादी के कगार पर आ गए हैं। कई परिवारों में युवाओं के साथ ही अधिक उम्र के लोग भी नशे की लत का शिकार हो गए हैं। पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। -संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला