बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन से मिलते सीएम।
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सीमा सड़क संगठन किन्नौर को लाहौल-स्पीति से जोड़ने वाली वांगतू-अटरगू-मुद-भावा दर्रा सड़क बनाएगा। शनिवार को सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से ओक ओवर शिमला में मुलाकात की। सीएम सुक्खू ने उनके समक्ष यह प्रस्ताव रखा कि इसे जल्दी तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से मंजूरी के बाद इस सड़क के निर्माण का मार्ग आसान हो गया है।
4,865 मीटर की ऊंचाई पर बनने वाली यह सड़क खारदुंगला के बाद देश की दूसरी सबसे ऊंची वाहन योग्य सड़क बनेगी। इस सड़क के बनने से शिमला और काजा की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी और यह नाको, समदो और ताबो मार्ग के अलावा लाहौल स्पीति पहुंचने के लिए विकल्प बनेगी। मौजूदा समय में यह दूरी 410 किलोमीटर है जो नई सड़क बनने के बाद 310 किलोमीटर हो जाएगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक के दौरान सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों के बुनियादी ढांचे के संबंध में भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने मुख्यमंत्री को पहाड़ी राज्य में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति और राज्य के लोगों के लिए संपर्क सुविधा को बढ़ाने की विस्तृत जानकारी दी। महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीमा सड़क संगठन ने परियोजना दीपक के माध्यम से मनाली और सिस्सू क्षेत्रों में तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को स्तरोन्नत करने, सुधार और विकास का दायित्व निभाया है।
सीएम ने लियो चांगो और शिव मंदिर से गुए सड़कों सहित अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन को संभालने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चंबा-बैरागढ़-साचपास-किलाड़ सड़क को अपने नियंत्रण में लेने का भी आग्रह किया। भारत-पाकिस्तान सीमा और वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास सुदूर पांगी घाटी को जोड़ने वाला यह मार्ग मनाली-लेह और रोहतांग मार्गों के बंद होने की स्थिति में एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग में लाया जा सकता है।