शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को राज्य लोकसेवा आयोग और राज्य चयन आयोग को भेजे गए रिक्त शिक्षकीय पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण योजना की समीक्षा करते हुए रोहित ठाकुर ने विभाग को प्रक्रिया में तेजी लाने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से राशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार उपकरण खरीदने की सुविधा मिलनी चाहिए तथा उपनिदेशक यह सुनिश्चित करें कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 148 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्धता मिल चुकी है। भविष्य में और अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग और हिमुड़ा को 19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने गैर-कार्यशील केंद्रीय विद्यालयों से संबंधित लंबित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर उन्हें जल्द संचालित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. हरीश कुमार अवस्थी मौजूद रहे।