उधर, एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि यूआईटी में किसी को भी पीएचडी में प्रवेश को मंजूरी नहीं दी गई है। जो आवेदन आया था, उसे अभी संबंधित संकाय की स्टैंडिंग कमेटी से मंजूरी मिलना बाकी है। यूआईटी निदेशक ने संकाय की स्टैंडिंग कमेटी में इस पूरे मामले के तथ्यों को रखने की बात की है। डीएस ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी में शिकायत पर गौर किया जाएगा, तय नियमों को ध्यान में रखकर ही प्रवेश को मंजूरी प्रदान की जाएगी, अन्यथा मामले को रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
यूआईटी में पहली बार हुई पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर शिकायत में उठाए गए सवालों में शिकायतकर्ता का आरोप है कि नवंबरमें विवि के 28 विभागों में राष्ट्रीय स्तर की फैलोशिप होल्डर के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई।