इस टीम का नेतृत्व संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान ने किया था। डॉ. हरी चौहान ने बताया कि यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) की संग्रहालय की लिस्टों में राज्य संग्रहालय का नाम भी शामिल है। यह हिमाचल के लिए गर्व की बात है। संग्रहालय में मूर्तियों, पहाड़ी, राजस्थानी, मुगल लघु चित्रों, भित्ति चित्रों, रेखाचित्रों, समकालीन चित्रों, कांस्य, हथियारों, लकड़ी की नक्काशी, सिक्कों, आभूषणों, सजावटी कलाओं, वस्त्रों, डाक टिकट संग्रह, और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का समृद्ध संग्रह है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में मिनिएचर पेंटिग का बहुत अच्छा कलेक्शन है। इसमें 16वीं शताब्दी के बाद का देवी महात्मा पेंटिंग का सैट है, जो दुर्लभ है। इसके अलावा 16वीं शताब्दी के बाद के पहाड़ी लघु चित्र भी हैं।
हिमाचल प्रदेश में सरकार के अधीन चार संग्रहालय हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय शिमला, भूरी सिंह संग्रहालय चंबा, कांगड़ा कला संग्रहालय धर्मशाला, लाहौल स्पीति जनजातीय संग्रहालय केलांग शामिल हैं। इन सभी में 18 मई को अंतराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य संग्रहालयों के महत्व को उजागर करना है।
राज्य राज्य संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान ने बताया कि राज्य संग्रहालय देश के अग्रणी संग्रहालयों में से एक है। जब भी भारत सरकार द्वारा विदेशों में किसी भी तरह कला व संस्कृति से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाती है तो राज्य संग्रहालय से वहां के लिए कलाकृतियों को भेजा जाता है। इसके अलावा हिमाचल में पुरातात्विक खनन में उपलब्ध हुए छठी शताब्दी ईसा पूर्व के मिट्टी के बने बर्तन भी संग्रहालय में मौजूद हैं। यह किन्नौर में मिले हैं।