हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम आर्थिक तंगी के दौर में भी पड़ोसी राज्यों में अनुबंध से बाहर बसें भेजने पर दोहरा टैक्स अदा कर रहा है।
पंजाब में निगम को प्रति किलोमीटर साढ़े तीन रुपये लगभग टैक्स देना होता है, लेकिन जो बसें अनुबंध से बाहर दूसरे राज्यों में भेजी जाती हैं, उनका टैक्स दो बार अदा करना पड़ रहा है।
अब निगम प्रबंधन ने दोहरे टैक्स से बचने के लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ करार करने का फैसला लिया है। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है।
आगामी विधानसभा सत्र के बाद हिमाचल पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, यूपी और उत्तराखंड के साथ करार करेगा। इसके बाद हिमाचल की बसों को दूसरे राज्यों में जाने पर ज्यादा टैक्स की अदायगी नहीं करनी पड़ेगी।
पिछले दिनों चंडीगढ़ के साथ करार न होने के कारण हिमाचल की बसों को बस अड्डे में प्रवेश नहीं करने दिया। इसको लेकर निगम अधिकारियों को भारी परेशानी रही।
इन बसों पर चंडीगढ़ बस अड्डे से लेकर हरियाणा में स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई की गई।
निगम के अधिकारियों ने बाद में वहां के अधिकारियों से वार्ता कर मामले को सुलझा लिया, लेकिन अब इस मसले पर अनुबंध किया जाना है। इसके बाद निगम की बसों को एक बार ही टैक्स अदा करना होगा।
इससे उम्मीद जताई जा रही है कि प्रबंधन को सालाना एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत होगी। परिवहन मंत्री जीएस बाली के निर्देशों के बाद निगम प्रबंधन ने अनुबंध के दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। विधानसभा सत्र के बाद सभी राज्यों के नए अनुबंध पर हस्ताक्षर होने हैं।