एसपी ने कहा कि शादी से लौटने के बाद सभी ने नागनी-खुंडियां सड़क पर शव को ठिकाने लगाने के लिए स्थान तलाशा। फिर शव को कंबल में लपेटकर रस्सी से बांधा और ज्वालामुखी के सुरानी जंगल में ढांक से नीचे फेंक दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए पंकज की जैकेट, चप्पल और रस्सी जला दी। इसके साथ ही मोबाइल फोन को तोड़कर अलग स्थान पर फेंक दिया गया, ताकि कोई सबूत न मिले। उन्होंने कहा कि हत्या में इस्तेमाल कुदाल अभी बरामद नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है। इस दौरान उनके साथ डीएसपी पालमपुर लोकेंद्र सिंह नेगी, एसएचओ भूपेंद्र सिंह ठाकुर और प्रवीन भी उपस्थित रहे।
मामले में छह आरोपी गिरफ्तार, चार्जशीट की तैयारी
पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि पंकज की हत्या के मामले में नीशू, उसके पति शशि कुमार, पिता उत्तम चंद, बहन रजनी, भांजे अभिषेक और जीजा अजय को गिरफ्तार किया है। रजनी, अजय और अभिषेक पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि अजय के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में मुकदमे चल रहे हैं। पंकज की हत्या के मामले में आरोपियों की भूमिका के आधार पर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
सलियाणा से 18 जनवरी को लापता हुआ था पंकज
पंचरुखी की सलियाणा पंचायत के गांव बटाहण का 27 वर्षीय पंकज 18 जनवरी को लापता हुआ था। परिजनों ने पंचरुखी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 12 फरवरी को ज्वालामुखी के सुरानी जंगल में एक अज्ञात शव मिला, जिसकी बाजू पर नीशू नाम लिखा था। परिजनों ने शव की पहचान पंकज के रूप में की थी। इसके बाद पंचरुखी में शव रखकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्थानीय पंकज की प्रेमिका नीशू पर हत्या का आरोप लगाया था।