मामले में स्थानीय लोगों और पार्षद ने पुलिस पर सवाल उठा दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस इस क्षेत्र में गश्त करती तो युवक की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार समिट्री क्षेत्र में दिन रात युवकों के झुंड घूमते रहते हैं। समिट्री एरिया में कई बार झगड़े भी हो चुके हैं।
कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि दो दिन पहले भी समिट्री में युवकों के बीच लड़ाई हो गई थी। इसके बाद लोगों ने पुलिस को मौके पर भी बुलाया। यहां रोज गश्त करने की मांग की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पार्षद ने कहा कि यदि पुलिस नियमित गश्त करती तो युवक की जान न जाती। कहा कि समिट्री क्षेत्र नशे का अड्डा बन चुका है। यहां तैनात महिला चौकीदार ने भी इस बारे में कई बार शिकायत दी है।
पार्षद ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पर पहले कुछ दिन के लिए यहां पुलिस गश्त हुई थी। लेकिन फिर गश्त बंद हो गई। पार्षद ने कहा कि समिट्री क्षेत्र में करीब 30 बीघा जमीन जंगल वाला क्षेत्र है। यहां नशे के अड्डे बन रहे हैं। पुलिस को यहां निगरानी बढ़ानी चाहिए।