टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अधिसूचना को लागू करने को लेकर प्रदेश सरकार अदालत में जल्द अर्जी दायर करने जा रही है। इस अधिसूचना के तहत इमारतों की ऊंचाई और चौड़ाई तय की गई है। अदालत ने फिलहाल इस अधिसूचना पर रोक लगा रखी है। न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने कहा कि यह अधिसूचना प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को देखकर लागू होगी। प्रदेश में जहां पर मैदानी क्षेत्र है, वहां पर अलग होगी और जहां पर पहाड़ होगा वहां पर अलग नियम रहेंगे।
अदालत की ओर से नियुक्त न्यायमित्र की ओर से नए भवनों की रूप रेखा, मिट्टी जांच रिपोर्ट और संरचनात्मक डिजाइन का क्या आधार रहेगा, इस पर अपने सुझाव देगें। इसके तहत अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर 12 दिसंबर 2024 को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को इस अधिसूचना को स्थगित रखने का आदेश दिया है। टीसीपी विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के तहत क्रमशः 4,000 वर्ग मीटर और 10,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर 13 से 20 मंजिला इमारतों की अनुमति दी गई थी। अदालत ने पहाड़ी क्षेत्रों, विशेष रूप से बड़ोग के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण को उजागर करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।