जनवरी में सीएम के सरकारी आवास के मीटर का 27,298 और निजी आवास के मीटर का 3,152 रुपये का बिजली जारी हुआ है। विधायक हरीश जनारथा के मेट्रोपोल आवास के मीटर का 3,714 रुपये का बिल है। सब्सिडी छोड़ने के बाद सीएम के निवासों पर बिजली की खपत कम हुई है। विधायक जनारथा की दिसंबर के मुकाबले जनवरी में 115 यूनिट अधिक बिजली खर्च हुई है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार के ब्रॉकहास्ट मीटर का 1470 रुपये का बिजली जारी हुआ है। हिमाचल में 23.55 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। अब तक 12,990 घरेलू बिजली उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ चुके हैं।
सीएम का तर्क, बोर्ड को होगा 200 करोड़ का फायदा
मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रदेश बिजली बोर्ड को सब्सिडी छोड़ने से 200 करोड़ का फायदा होगा। ऐसे में घाटे में चल रहे बिजली बोर्ड को इससे उबरने में मदद मिलेगी।