हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को कहा गया है कि वे एनडीपीएस मामलों में नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहें, बल्कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करवाएं। पुलिस का लक्ष्य नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर बनाई गई चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और वाहनों की गहन वित्तीय जांच की जाए। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के अध्याय पांच-ए के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही, फ्रीजिंग आदेशों की केंद्रीय सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि करवाना भी सुनिश्चित किया जाए। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों की अवैध कमाई पर चोट किए बिना इस संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना मुश्किल है। इसी दिशा में जिलों को वित्तीय जांच को प्राथमिकता देने और मामलों में त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।