बुधवार को भी हालत ऐसे ही रहे। सुबह 7:00 बजे मनाली से निकले पर्यटक दोपहर बाद 12:00 बजे के बाद ही रोहतांग पहुंच रहे है। राहनीनाला से रोहतांग तक लंबा जाम लगा। शाम को भी हालत ऐसे ही रहे। फोरलेन पुल से लगी वाहनों की लाइन नेहरूकुंड तक पहुंच गई। वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते हैं और पर्यटक घंटों तक सड़क पर फंसे रहने को मजबूर हैं। वहीं शाम को वापसी के लिए भी सैलानियों को रोहतांग से मनाली पहुंचने के लिए चार से पांच घंटे लग रहे हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। पुलिस जवानों की कमी के कारण यातायात नियंत्रण मुश्किल हो गया है।
पर्यटकों ने कहा कि उन्होंने रोहतांग घूमने का कार्यक्रम उत्साह के साथ बनाया था लेकिन घंटों जाम में फंसने से पूरा अनुभव खराब हो गया। हालांकि वहां पहुंचकर उन्होंने बर्फ का खूब मजा लिया। शाम को लौटते वक्त भी पर्यटक इसी परेशानी से जूझे। उधर, डीएसपी केडी शर्मा ने कहा कि कम पुलिस जवानों के बावजूद कार्य किया जा रहा है। जवान दिन-रात डटे हैं। सीजन के दौरान प्रतिदिन हजारों वाहन रोज मनाली आ रहे है लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मी तैनात नहीं किए गए हैं। महज 20 जवान सेवाएं दें रहे है। यहां तैनात जवान पंचायत चुनाव में ड्यूटी दे रहे हैं।
मनाली समेत रोहतांग समेत सभी सड़कों पर ओवरटेक करने वाले जाम को बढ़ा रहे हैं। इस पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। हाईवे पर वाहनों की एक तरफ से ही दो लाइनें लग रहीं हैं। सामने वाहन आने पर हाईवे जाम हो रहा है।