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हिमाचल: मेडिकल कॉलेजों में 3,000 हजार करोड़ से बदलेंगे पुराने उपकरण, बैठक में मंत्री ने दिए निर्देश

Thu, 13 Aug 2026 08:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 15 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने अधिकारियों के साथ की बैठक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 15 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन को नई मशीनों और दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल की सातवीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर व्यक्ति को घर के नजदीक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की अहम भूमिका है। कॉरपोरेशन प्रदेश की खरीद एजेंसी के रूप में चिकित्सा महाविद्यालयों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवाइयों, सर्जिकल एवं मेडिकल उपभोग्य सामग्री, चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की खरीद व वितरण करता है। उन्होंने कहा कि पहले अपनाई जाने वाली खरीद प्रक्रिया में अधिक समय लगता था और लागत भी बढ़ती थी।

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स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने बैठक में बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जा रही है। अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और स्थापना में तेजी लाई जा रही है। पीईटी स्कैन, हाई रिजॉल्यूशन कलर डॉप्लर, फुल रूम डिजिटल रेडियोग्राफी, डिजिटल मैमोग्राफी, आधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट, बाइप्लेन डीएसए मशीन, ब्लड सेपरेटर यूनिट और हाई-एंड इकोकार्डियोग्राफी मशनों की खरीद की जा रही है। कैथ लैब, ईसीजी मशीनें, ट्रैक-बेस्ड इंटीग्रेटेड टोटल लैब ऑटोमेशन सिस्टम, बोनमैरो ट्रांसप्लांट एफेरेसिस यूनिट, निरोग क्लीनिकों के उपकरण और नि:शुल्क चश्मों की व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर भी बैठक में चर्चा हुई। बैठक में विशेष सचिव वित्त विजय वर्धन, प्रबंध निदेशक अजय कुमार यादव मौजूद रहे।
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मेडिकल कॉलेजों में 45 चिकित्सा अफसरों को मिलेगा पदोन्नत पदनाम
प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने 45 मेडिकल अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को पदोन्नत पदनाम देने का फैसला लिया है। सरकार ने 42 मेडिकल ऑफिसरों को असिस्टेंट प्रोफेसर, एक असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर और दो एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर के पद पर पदनामित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा सेवाओं को मजबूत और अपग्रेड करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पदनाम में बदलाव से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कार्य के साथ विशेषज्ञ सेवाओं को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में फैकल्टी की कमी को दूर करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़े सार्वजनिक हित में मेडिकल शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे चिकित्सा सेवाओं के साथ मेडिकल छात्रों के शैक्षणिक प्रशिक्षण को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
 
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