हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 15 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन को नई मशीनों और दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल की सातवीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर व्यक्ति को घर के नजदीक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की अहम भूमिका है। कॉरपोरेशन प्रदेश की खरीद एजेंसी के रूप में चिकित्सा महाविद्यालयों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवाइयों, सर्जिकल एवं मेडिकल उपभोग्य सामग्री, चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की खरीद व वितरण करता है। उन्होंने कहा कि पहले अपनाई जाने वाली खरीद प्रक्रिया में अधिक समय लगता था और लागत भी बढ़ती थी।