अब चिट्टे में इस आधार पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कार्रवाई इस आधार पर होगी कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी चिट्टा कारोबार में संलिप्त हैं या सेवन के मामलों में पकड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी नशे के कारोबार में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाएगा, जबकि सेवन करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 122 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी चिट्टा तथा अन्य एनडीपीएस मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। इनमें से 31 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशासनिक सचिवों को ऐसे मामलों में कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सबसे अधिक मामले पुलिस विभाग में
सूची के अनुसार सबसे अधिक 21 मामले हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग से सामने आए हैं और सभी 21 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। बिजली बोर्ड के 13 कर्मचारियों में से एक को हटाया गया है, जबकि शिक्षा विभाग के 10 कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। बैंकिंग तथा जल शक्ति विभाग के 9-9 कर्मचारी मामलों में शामिल पाए गए हैं। सेना और नौसेना से जुड़े 8 कर्मियों के नाम भी सूची में दर्ज हैं। एचआरटीसी के 8 कर्मचारियों में से 2 की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के 6-6 कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। स्वास्थ्य विभाग के 4 तथा बीडीओ कार्यालय के 3 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई दर्ज की गई है, जिनमें बीडीओ कार्यालय के 2 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। इसके अतिरिक्त खाद्य एवं आपूर्ति, सिविल सप्लाई, पशुपालन तथा अन्य विभागों के कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के नेटवर्क से जुड़े किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।