लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह
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लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों के विकास कार्यों में कोताही बरतने की शिकायतें मिली हैं। कई इंजीनियरों ने सरकार की अनुमति के बगैर ही काम करवा दिए और पूरा होने के बाद ठेकेदारों को फायदा देने के लिए टेंडर भी लगा दिए। ऐसी भी इंजीनियर हैं, जिन्होंने विकास कार्यों में कोताही बरती है जबकि कई ने समय पर काम पूरा नहीं किया है। सरकार ने 90 के करीब जूनियर इंजीनियर, एसडीओ और एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन इंजीनियरों को 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर चार्जशीट भी किया जा सकता है।
लापरवाह इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी हुए हैं। सरकार को यह भी सूचना मिली है कि लोक निर्माण विभाग के कई इंजीनियर ठेकेदारों के साथ सांठगांठ कर रहे हैं। इस समय सड़कों के करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और प्रमुख जिला सड़क (एमडीआर) में निर्माण और मरम्मत के लिए करोड़ों की राशि जारी हो रही है। सरकार ने इंजीनियरों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार सड़कों के लिए जारी करती है करोड़ों
केंद्र सरकार हिमाचल को हर साल सड़कों के निर्माण के लिए करोड़ों की राशि जारी करती है। विभिन्न मदों से हिमाचल को पैसा जारी होता है। इसमें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, नाबार्ड, एमडीआर आदि शामिल है।
कार्यों में लापरवाही बरतने वाले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रदेश सरकार सड़कों की गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। -
विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री