कृषि विभाग ने आर्गेनिक गोबर खाद खरीद योजना लागू करने के लिए टेंडर किए थे। इसमें दिल्ली की कंपनी का चयन हुआ, लेकिन कंपनी प्रोजेक्ट की शर्तों पर कंपनी के साथ बात नहीं बनी। इसके बाद टेंडर में भाग लेने वाली दूसरी मंडी की कंपनी से विचार-विमर्श के बाद काम सौंपा गया। किसानों से गोबर खरीद, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन का काम कंपनी देखेगी। खाद के बैग के भीतर लाइनिंग लगाई जाएगी, जिससे आर्गेनिक गुण बने रहें। कृषि विभाग की प्रयोगशालाओं में खाद के सैंपलों की जांच भी की जाएगी। कृषि विभाग के फार्म में आर्गेनिक उत्पाद तैयार करने के लिए भी इस खाद का इस्तेमाल होगा। कृषि विभाग के खंड स्तरीय कार्यालयों के अलावा शहरी क्षेत्रों में आर्गेनिक उत्पाद बिक्री केंद्रों पर खाद उपलब्ध होगी।
पोर्टल पर खरीद, बैंक खातों में पेमेंट
किसानों से आर्गेनिक गोबर खाद खरीद में पारदर्शिता के लिए कृषि विभाग पोर्टल तैयार कर रहा है। पोर्टल पर किसानों के अकाउंट बनाए जाएंगे। गोबर खरीद का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज होगा। गोबर खाद के एवज में पेमेंट भी सीधे बैंक खातों में होगी।
सब्जी और सेब उत्पादक क्षेत्रों में रहती है मांग
प्रदेश के सेब और सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में आर्गेनिक खाद की भारी मांग रहती है। किसान-बागवान हर साल बाहरी क्षेत्रों से गोबर खाद खरीदते हैं। सेब और सब्जी की अच्छी पैदावार के लिए गोबर खाद का इस्तेमाल किया जाता है। बकरी के गोबर की खाद प्राकृतिक तौर पर फसलों के लिए बेहद उपयोगी होती है। सामान्य गोबर खाद के मुकाबले बकरी के गोबर की खाद महंगी दरों पर बिकती है।