फ्यूचर (अपस्किलिंग, शिक्षक उत्कृष्टता, समझ, तत्परता, समानता और स्थिरता के लिए फाउंडेशन) कार्यक्रम की पहली स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वर्क प्लान की प्रस्तुति दी गई। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि हिमाचल की यूनेस्को के साथ यह साझेदारी दीर्घकालिक होगी। देश में पहली बार हिमाचल में यह कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसका सफल क्रियान्वयन अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय, समग्र शिक्षा और एससीईआरटी और डाइट इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम को मिलकर लागू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का चयन सावधानीपूर्वक होगा ताकि केवल योग्य प्रशिक्षक ही इस कार्यक्रम को सही मायनों में आगे बढ़ा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों के पूरे स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाए और एसएमसी, पीटीए सहित अन्य हितधारकों को भी कार्यक्रम के बारे में जागरूक किया जाए।
यूनेस्को की साउथ एशिया पैसिफिक शिक्षा प्रमुख जॉयस पोआन ने कहा कि कार्यक्रम का क्रियान्वयन चरणबद्ध ढंग से होगा और मार्च 2026 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। 124 पीएम श्री विद्यालय इस कार्यक्रम के मॉडल स्कूल होंगे। ये विद्यालय शिक्षकों के प्रशिक्षण, खेलों को बढ़ावा देने, ग्रीनिंग गतिविधियों और ईको क्लब का केंद्र बनेंगे और विद्यार्थियों को आधुनिक कौशलों से सशक्त करेंगे। पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रीनिंग करिकुलम केवल पर्यावरण शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें सामाजिक पहलुओं और सामुदायिक सहभागिता को भी जोड़ा जाएगा।