राेबाेटिक सर्जरी के लिए अभी तक काेई स्थायी स्टाफ नहीं है। सर्जरी के लिए नया ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। राेबाेटिक सर्जरी के बाद मरीज 3 से 4 दिन में रिकवर हाे जाता है और मरीज काे घर भेज सकते हैं। इसके साथ ही राेबाेटिक सर्जरी के लिए नया ऑपरेशन थियेटर सभी तरह उपकरण जिनकी सर्जरी के समय जरूरत हाेती है, वे सभी उपकरण संस्थान में माैजूद हैं। राेबाेटिक सर्जरी के लिए आने वाले समय में अलग से स्टाफ की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन अभी तक जाे भी राेबाेटिक सर्जरी माैजूदा स्टाफ के सहयाेग से ही की जाएंगी।
राेबाेटिक सर्जरी के ऑपरेशन थियेटर के जाे अस्सिटेंट हैं, वे उनके अपने हैं। अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानाें में राेबाेट विभाग काे यूराेलॉजी विभाग ही संभालता है। लेकिन यहां पर कैसे करना है, यह ताे प्रशासन और सरकार पर निर्भर करता है। यूराेलॉजी विभाग टांडा मेडिकल कालेज के एसाेसिएट प्राेफेसर डॉ. अंगेश ठाकुर ने कहा कि इस सुविधा का काफी ज्यादा लाभ मरीजों को मिलेगा।