खास बात यह है कि इस तरह की ठगी के एक दर्जन के करीब मामले में प्रदेश में विभिन्न साइबर थाना में दर्ज हो चुके हैं। बावजूद इसके लगातार पढ़े-लिखे, नौकरीपेशा और सेवानिवृत्त अधिकारी शातिरों के चंगुल में फंसकर जीवनभर की पूंजी गंवा रहे हैं। पुलिस को दी शिकायत में सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा कि फेसबुक पर कुछ दिन पूर्व एक लिंक प्राप्त हुआ। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में 150 करीब मेंबर थे।
शातिरों ने पीड़ित को निवेश के प्लान बताए। फर्जी स्टॉक जिओ एप पर उसे स्टॉक और आईपीओ में निवेश की एवज में 1200 फीसदी रिटर्न का झांसा दिया गया। इसके बाद पीड़ित ने एक के बाद एक आठ ट्रांजेक्शन के जरिये 82 लाख रुपये की रकम शातिरों की ओर से दिए गए बैंक खातों में जमा करवा दी। पैसा वापस मांगने पर शातिर ठगों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पीड़ित को शक हुआ। इसके बाद साइबर पुलिस थाना मंडी में संपर्क किया। बंधन, यूको, आईसीआईसीआई और आईडीएफसी बैंक के खातों में पैसा जमा हुआ है।
82 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से निवेश करने से बचें। अधिक मुनाफे का झांसा देकर शातिर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। निवेश से सेबी की आधिकारिक बेवसाइट पर जरूरी संपर्क करें। इस तरह के निवेश से पूर्व 1930 पर संपर्क कर सलाह जरूर लें- मोहित चावला, डीआईजी, साइबर क्राइम (सीआईडी)