इसके अलावा बारिश के बाद गेहूं की फसल में भी इन खादों का प्रयोग किया जा रहा है। इन दिनों किसान सब्जियों की बुआई भी कर रहे हैं। इनमें भिंडी, शिमला मिर्च, घीया, कद्दू और बैंगन जैसी फसलें शामिल हैं। जिले के हरोली, संतोषगढ़ और ऊना क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सब्जियों की खेती होती है।
बीते माह हुई थी यूरिया की आपूर्ति
इससे पहले बीते माह ही प्रदेशभर के लिए करीब 2500 टन यूरिया खाद की आपूर्ति हुई थी। यूरिया खाद इस समय गोदामों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बीते दिनों किसानों के यूरिया का छिड़काव भी किया। मगर बारिश के उपरांत आलू और गेहूं के लिए एनपीके और डाया खाद की मांग भी बढ़ी है।
किसानों की मांग को देखते हुए एनपीके और डाया खाद मंगवाई गई है। किसान आवश्यकता के अनुसार दोनों उर्वरकों की खरीद कर सकते हैं। इसके अलावा दानेदार खाद के विकल्प के तौर पर किसान नैनो खाद भी खरीद सकते हैं। इफको के गोदामों में यह दानेदार खाद के मुकाबले सस्ते दाम पर उपलब्ध है- माशूक अहमद, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफको ऊना