रतन टाटा ने कहा कि चार जगहों के नाम बताएं, वहां स्पेयरपार्ट पहुंचा दिए जाएंगे। निगम ने जसूर, मंडी, धर्मशाला और चंडीगढ़ के नाम बताए। उसी समय रतन टाटा ने बैठक में मौजूद अपने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह स्पेयर पार्ट निगम की टीम से पहले उन जगहों पर पहुंच जाने चाहिए। बाबू राम गौतम ने बताया कि हुआ भी ऐसा ही। उनके प्रदेश में पहुंचने से पहले स्पेयर पार्ट पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि उस बैठक में रतन टाटा को स्पेयर पार्ट का उत्पादन बढ़ाने का भी सुझाव भी दिया था, जिस पर उन्होंने अमल भी किया।
पूर्व विधायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बाबू राम ने बताया कि रतन टाटा सच्चे समाजसेवी भी थे। कोरोना के समय उन्होंने सरकार को 2,000 करोड़ रुपये दान दिए। रतन टाटा का देश के लिए अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न दिया जाए।