हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो आउटसोर्स कर्मचारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी है। इन दोनों कर्मचारियों को शिमला से नालागढ़ स्थानांतरित किया गया है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने की।
इन दोनों आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति फरवरी 2022 को की गई थी और करीब ढाई साल के अंदर ही इनका तबादला कर दिया गया है। हालांकि, सरकारी स्थानांतरण नीति के अनुसार एक जगह पर तैनाती के तीन साल बाद ही तबादला किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान आउटसोर्स कर्मियों की नियोक्ता कंपनी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति मांग के आधार पर की जाती है। इन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह नहीं देखा जा सकता है। इनकी ट्रांसफर नालागढ़ इसलिए की गई है, क्योंकि इनके स्थान पर नियमित कर्मचारी नियुक्त हो गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।