मत्स्य किसानों के लिए मत्स्य विभाग की ओर से मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया है। इस ऐप पर किसान अपना पंजीकरण कराकर विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। विशेष बात यह है कि इस ऐप के माध्यम से विभाग के पास किसानों की जानकारी आसानी से उपलब्ध रहेगी।
जानकारी देते हुए निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य विभाग विवेक चंदेल ने बताया कि राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफार्म भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। यह प्लेटफार्म प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत विकसित किया गया है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की एक उप-योजना है।
इस प्लेटफार्म का उद्देश्य देशभर के मत्स्य किसानों, मत्स्यजीवियों और अन्य हितधारकों के लिए सुव्यवस्थित और पारदर्शी डिजिटल सेवा प्रणाली तैयार करना है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। सभी मत्स्यजीवी और मत्स्य किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही पंजीकरण कर सकते हैं। इससे पहले यह पंजीकरण केवल पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा था। अब मोबाइल ऐप की सुविधा से पंजीकरण प्रक्रिया सरल और सुगम हो गई है।
उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप का शुभारंभ 8 मार्च 2025 को हैदराबाद तेलंगाना में आयोजित मत्स्य पालन स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने किया। यह ऐप मत्स्य पालन से जुड़े हितधारकों को डिजिटल सेवाओं और संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों और व्यवसायियों को अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।