किन्नौर जिले के निगुलसरी में बंद एनएच बहाल करने में जुटी एनएच प्राधिकरण की जेसीबी मशीनें।
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जिला किन्नौर के निगुलसरी में नेशनल हाईवे-5 पर लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां सफर करना हजारों लोगों के लिए आफत बना हुआ है। पहले भूस्खलन के कारण बार-बार एनएच अवरुद्ध होता रहा। अब एनएच का करीब 65 मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया। ऐसे में वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम गए हैं।
मंगलवार को दोपहर करीब 1:00 बजे निगुलसरी में तरांडा की ओर से एनएच का 65 मीटर हिस्सा धंस गया। एनएच के बंद होने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। यात्रियों को राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच क्रांपे से तरांडा टनल तक आधा किलोमीटर पैदल चढ़ाई चढ़नी पढ़ रही है। यहां पहुंचने के बाद टनल के पास छोटे वाहनों से निगुलसरी पहुंच रहे हैं। मंगलवार को निगुलसरी में फंसे यात्री जगदीश ठाकुर, प्रधान शील पंचायत (रोहड़ू) बालकृष्ण दुल्टा, उमादत्त शर्मा, जगदीश शर्मा, दिनेश शर्मा, विनोद कुमार, आशीष शर्मा, संजय कुमार, देवराज राठौर, संजय दिनेश, विरेंद्र कुमार और आशीष ने कहा कि निगुलसरी में एनएच बार-बार बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण एनएच का बार-बार बाधित होना चिंता का विषय है। लंबे समय से निगुलसरी में पहाड़ी से मलबा आने के कारण एनएच बार-बार बंद हो रहा है। वहीं हजारों लोग, सेना के जवान सहित पर्यटक जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। उधर, एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने कहा कि जल्द ही एनएच को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।