समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित वर्चुअल ओरिएंटेशन में निपुण लक्ष्य की नोडल अधिकारी डॉ. मंजुला शर्मा, एक्सपर्ट सुधा महाजन, विभिन्न बीपीईओ, कोऑर्डिनेटर, सेंटर टीचर्स और चयनित स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए। इससे पहले समग्र शिक्षा की ओर से हिमाचल के 480 निपुण लक्ष्य स्कूलों में मई 2025 में बेसलाइन सर्वे कराया गया था, जिसके तहत पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों की सीखने की स्थिति का आकलन किया गया। इसके आधार पर विद्यालयों में विशेष शैक्षणिक सुधारात्मक कदम उठाए गए, जिनमें शिक्षण पद्धतियों में नवीनता लाने के साथ-साथ लर्निंग मटेरियल की उपलब्धता बढ़ाई गई और बाल-अनुकूल वातावरण सृजित करने के लिए बाला फीचर जैसी पहलों को अपनाया जा रहा है। इसके बाद अब यह एंडलाइन सर्वे कराया जा रहा है। इससे यह देखा जाएगा स्कूलों में अपनाई गई सुधारात्मक पहलों से बच्चों के सीखने की क्षमता में कितना सकारात्मक परिवर्तन हुआ है और निपुण मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कितनी प्रगति हुई है।
समग्र शिक्षा में निपुण की नोडल अधिकारी डॉ मंजुला शर्मा ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस सर्वे को बच्चों के लिए एक सहज, सकारात्मक और आनंददायक अनुभव बनाएं, ताकि बच्चे स्वाभाविक रूप से इसमें सहभागिता करें। उन्होंने बताया कि सभी चयनित विद्यालयों में मूल्यांकन किट और आवश्यक असेसमेंट टूल्स पहुंचा दिए गए हैं, जिससे सर्वे प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा के सतत प्रयासों से चयनित 480 विद्यालय राज्य के अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। इन विद्यालयों में शिक्षण प्रशिक्षण, विशेष लर्निंग मटेरियल और बाला फीचर का प्रभावी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि प्रदेश में निपुण लक्ष्य के निर्धारित उद्देश्यों को हासिल किया जा सके।