रेरा में अध्यक्ष के अलावा दो सदस्य होते हैं। श्रीकांत बाल्दी ने 1 जनवरी 2020 को पदभार संभाला था। दो अन्य सदस्य आरके वर्मा और बीसी बडालिया ने भी इसके सदस्य रहे हैं। बीसी बडालिया पहले ही सेवानिवृत्त हो गए थे। हिमाचल में काम करने वाले बिल्डरों का अब रेरा में पंजीकरण होना होता है। उसके बाद ही बिल्डर हिमाचल में आवासीय काॅलोनियों का निर्माण कर सकते हैं। बिल्डर अगर फ्लैट बेचने में लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है तो पीड़ितों की शिकायत भी रेरा में ही सुनी जाती है। गलती पाए जाने पर बिल्डरों पर जुर्माना लगाया जाता है। यहीं नहीं अगर बिल्डर मौके पर गलत काम कर रहा है तो इस स्थिति में रेरा के तहत ही बिल्डरों पर कार्रवाई होती है। बताया जा रहा है कि इसी सप्ताह सरकार की ओर से रेरा के लिए लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे। अध्यक्ष पद व एक सदस्य के लिए प्रशासनिक सेवाओं का होना अनिवार्य होता है जबकि एक सदस्य के लिए वास्तुकार का अनुभव जरूरी है।