फर्जी दस्तावेजों से डाक सेवक की नौकरी हासिल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। डाक विभाग की जांच में आरोपी कर्मचारी के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इसके बाद विभाग की ओर से आरोपी के खिलाफ बालूगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। आरोपी की पहचान मोहित के रूप में हुई जो कि वर्तमान में शिमला उपमंडल के एक डाकघर में सेवाएं दे रहा था। जानकारी के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है, जब आरोपी ने डाक विभाग में डाक सेवक की नौकरी हासिल की।
नियमों के तहत डाक विभाग ने आरोपी के शैक्षणिक दस्तावेजों को जांच के लिए संबंधित शिक्षण संस्थानों को भेजा। यहां से हाल ही में इन दस्तावेजों को फर्जी बताया गया है। इसके बाद डाक विभाग की ओर से इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार ने बालूगंज थाने में मोहित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। शिकायत और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
गौर हो कि इसे पूर्व भी जिले और प्रदेशभर में फर्जी दस्तावेजों से डाक सेवक के पदों पर भर्ती होने के मामले सामने आ चुके हैं। जिले में इससे पूर्व दो मामले ठियोग और दो शिमला में दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार मामले सामने आने के बाद से ही डाक विभागों में डाक सेवकों के पदों पर हुई यह भर्ती प्रतिक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। यही वजह है कि विभाग नियमानुसार भर्ती होने वाले कर्मचारियों के दस्तावेजों की वैरिफिकेशन करवा रहा है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों से भर्ती होने के मामले सामने आ रहे हैं।