पैरासेलिंग के दौरान पर्यटकों को झील के ऊपर से हरियाली और पर्वतों के दृश्य देखने को मिलेंगे, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा। यह गतिविधि एडवेंचर के शौकीनों के लिए बेहतरीन आकर्षण साबित होगी। गतिविधि के शुरू होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे बिलासपुर जिले को जल रोमांच पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। पैरासेलिंग पर्यटकों को न केवल रोमांच, बल्कि एक सुरक्षित और विश्वस्तरीय अनुभव भी प्रदान करेगी।
पैरासेलिंग बोट प्रबंधक जसवीर चौहान ने बताया कि गोबिंद सागर एडवेंचर एंड वाटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ झील का जलस्तर जांचा गया। झील का जलस्तर बिल्कुल उचित पाया गया। परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर को जल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। झील की प्राकृतिक सुंदरता और इसकी पर्यटन क्षमता को देखते हुए पैरासेलिंग की शुरुआत इसमें एक महत्वपूर्ण कदम है। पैरासेलिंग बोट के लिए एक दो दिन में प्रशासन की ओर से रेट जारी किए जाएंगे।
झील में पैरासेलिंग जैसी रोमांचक गतिविधि शुरू होने से पर्यटक न केवल झील के शांतिपूर्ण वातावरण का आनंद ले सकेंगे, बल्कि इससे पर्यटन को भी पंख लेंगे। इससे बिलासपुर में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे- आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त बिलासपुर