जिला कांगड़ा के तहसील जवाली निवासी रोहित भागवत ने बताया था कि 19 अक्तूबर 2019 के लिए डाॅ. सुब्रह्मण्यम स्वामी के नाम से दिल्ली से शिमला के लिए एयर इंडिया की उड़ान का एक टिकट बुक किया। टिकट के अनुसार उड़ान के प्रस्थान का समय सुबह 7:50 था। डॉ. स्वामी उड़ान भरने के लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उड़ान सुबह 6:50 बजे हो चुकी है। इसके बाद दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचने के लिए उन्होंने अपने खर्चे पर एक और टिकट खरीदा और चंडीगढ़ से एक विशेष चॉपर की व्यवस्था की। दलील दी गई कि विपक्षी पक्षों ने उड़ान के प्रस्थान समय में परिवर्तन के संबंध में यात्री को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी।
इसके बाद जिला आयोग के आदेश से व्यथित होकर अपीलकर्ता ने राज्य आयोग के समक्ष तत्काल अपील दायर की है। उधर, आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों, दलीलों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद उपभोक्ता की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। आयोग ने जुर्माने की रकम शिकायत दर्ज करने की तिथि से वसूली तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ 45 दिनों में लौटाने के निर्देश दिए है। अदालत ने माना कि यात्री को उपरोक्त असुविधा एयर इंडिया की गलती के कारण हुई, जिन्होंने संबंधित उड़ान में चढ़ने के लिए गलत समय का उल्लेख करते हुए टिकट जारी किया था।