तापमान शायद माइनस में रहा होगा, जब सर्द रात में एक लड़की सड़क पर बिना कपड़ों के दौड़ रही थी। एक ट्रक ड्राइवर ने उसे देखा भी, लेकिन वो डर गया और भाग गया। फिर कुछ देर बाद मिली उस लड़की की लाश। क्या उसे किसी ने मार डाला? क्या वो पागल थी? या कुछ और ही है माजरा?
मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला के नजदीक बसे ढली के सधोड़ा गांव का है। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक खाली हैं उसे हाथ।
पुलिस समझ ही नहीं पा रही कि मामला रेप का है, हत्या का है या फिर दुर्घटना का? लेकिन एक बात तो साफ है कि इस पूरे मामले में कई पेंच हैं, जो तफ्तीश के बाद ही खुलेंगे।
आखिर मामला क्या है?
19 साल की चित्रा अब इस दुनिया में नहीं है। गुरुवार शाम वो अपनी मौसी के घर गई थी। मौसी के मुताबिक अचानक रात 11 बजे उसने अपने कपड़े उतार दिए और घर से भाग गई।
शुक्रवार की सुबह मिली चित्रा की लाश। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उस पर दो बार गाड़ी चढ़ाई गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और चित्रा के रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
चित्रा की मौसी निर्मला एक रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर के घर केयरटेकर का काम करती थी। चित्रा का पति नेपाली मूल का है। पता चला है कि पति से चित्रा का आए दिन झगड़ा भी होता था।
किससे डर कर भाग रही थी चित्रा?
हरियाणा नंबर का एक ऑयल टैंकर रात करीब ग्यारह बजे शिमला की ओर आ रहा था। टैंकर में चालक समेत दो लोग सवार थे। सधौड़ा के पास अचानक एक निर्वस्त्र महिला सड़क पर 'बचाओ, बचाओ' की गुहार लगाते हुए दौड़ रही थी।
ऐसा दृश्य देखकर चालक डर गया और मदद करने के बजाय ट्रक को वहां से भगा ले गया। चालक थोड़ी सी हिम्मत जुटाता, तो चित्रा की जान बच सकती थी।
छह लोग हैं आरोप के घेरे में
निर्मला के मुताबिक जब चित्रा बिना कपड़ों के भाग गई तो उसने मशोबरा से टैक्सी चालक को कॉल कर बुलाया। टैक्सी में वह तीन महिलाएं और कॉटेज में काम करने वाले दो नौकर बैठे थे।
चित्रा के कपड़े और बच्ची को लेकर वह ननोहग गांव गए जहां उसकी मां को चित्रा की बेटी और कपड़े देकर लौट आए। उन्हें सुबह ही चित्रा की मौत के बारे में पुलिस से सूचना मिली।
निर्मला के इस बयान को जब पुलिस ने जांचा तो उसके साथ टैक्सी में गए अन्य लोगों के बयान अलग- अलग आने लगे। इसी आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को धर लिया और इनसे पूछताछ चल रही है।
सामने हैं कई सवाल
मौसी निर्मला का यह कहना कि चित्रा से वह उसकी मासूम बच्ची को तो छुड़ाने में कामयाब हो गई, लेकिन उसे काबू नहीं कर पाई। निर्मला समेत जब छह लोग घटनास्थल पर मौजूद थे तो क्या एक 19 साल की दुबली पतली महिला को पकड़ नहीं पाई?
सर्दी के मौसम में निर्वस्त्र निकली महिला को रात में निर्मला ने अपने साथियों के साथ मिलकर ढूंढने का क्यों प्रयास नहीं किया और न ही इस बारे में पुलिस को कोई सूचना दी।
जबकि टैक्सी लेकर घटनास्थल से करीब दस किलोमीटर दूर अपने बहन के घर में जाकर चित्रा के कपड़े देने पहुंच गई। ऐसे कई सवाल है जिनके जवाब पुलिस खोज रही है।