शिमला में विधानसभा सत्र के लिए जाते भाजपा विधायक अनिल शर्मा
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हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है। नियम-130 में आपदा पर चर्चा में भाग लेते हुए मंडी के भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों को नसीहत दी है कि आपदा को लेकर दोनों दलों को एक होकर सोचने की जरूरत है। उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता और भवनों के निर्माण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे यहां पर स्पेशल पैकेज की बात करते हैं, लेकिन हिमाचल को प्राकृतिक आपदा से आधारभूत ढांचे को हुए नुकसान की सही योजना तैयार कर केंद्र को भेजने की जरूरत है। उन्होंने जिया गांव के समीप खनन को लेकर सवाल उठाए।
जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नदी-नालों में साढ़े सात करोड़ टन पत्थर पड़ा है। सरकार की 75 हजार टन पत्थर उठाने अनुमति है। उन्होंने कहा कि बारिश आने से नदी-नालों का जल स्तर उठ रहा है। यह पानी रिहायशी इलाकों की ओर आ रहा है। नदी-नालों में मिट्टी, रेत, पत्थर और बजरी बारी पड़ी है। कुल्लू में आपदा के बाद 14 साइट की नीलामी की गई थी। इसे 2 करोड़ 47 लाख मिलने थे। नई खनन नीति में जेसीबी को नदी-नालों में खनन की अनुमति दी गई है, जिससे सरकार को 17 से 18 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने अनिल शर्मा की ओर से लगाए गए आरोपों पर कहा कि जिया गांव के समीप नदी में खनन को साइटों की बोली लगाई गई है। 4 करोड़ की बोली लगी थी। इसमें एक करोड़ रुपये जमा हो गया था, लेकिन वन विभाग ने काम रोक दिया।