शिमला-मटौर फोरलेन के इस टूलेन पैच को ग्रीन फील्ड का तमगा देकर यहां पर न तो डंपिंग साइट विकसित की गई और न ही अब निर्माण के मानकों की पालना हो रही है। कुणाह खड्ड पर टूलेन पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पुल के निर्माण के लिए खड्ड में भारी मलबा डाला गया है।
ऐसे में पानी की निकासी थम गई है, हालांकि पाइपें डालकर इसे कुछ हद तक बहाल किया गया, लेकिन बरसात में बारिश के पानी से काफी क्षेत्र तक पानी जमा हो गया है। ऐसे में निर्माण कार्य करने वाली कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं दी गई है। यहां पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - अंकित सिंह, डीएफओ, हमीरपुर
मामले में एनएचएआई के अधिकारियों से बात की जाएगी। नियमों की अवहेलना हरगिज बर्दाश्त नहीं होगी। यहां पर यदि डंपिंग की जा रही है, तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। - अमरजीत सिंह, डीसी, हमीरपुर