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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 34 साल बाद बदलने जा रहा लैंड रिकॉर्ड मैनुअल, जनता को मिलेगी राहत; जानें सबकुछ

Sat, 10 May 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राजस्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 1992 के बाद लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में संशोधन नहीं हुआ है। चाहे कांग्रेस की सरकार सत्ता में रही हो या फिर भाजपा। किसी ने इसमें बदलाव नहीं किया, लेकिन अब सुक्खू सरकार इसमें बदलाव करने जा रही है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में 34 साल बाद लैंड रिकार्ड मैनुअल बदलने जा रहा है। प्रदेश सरकार राजस्व विभाग के नए संस्करण के प्रकाशन की तैयारियों में जुटी है। इस मैनुअल में राजस्व विभाग के अधिकारियों और जनता के अधिकारों की विस्तृत जानकारी होगी। डिमार्केशन, जमीन का बंटवारा, ततीमा, जमाबंदी बनाए जाने के नियम होंगे। लोगों को प्रमाणपत्र कितने दिन में दिया जाना है, इसका विस्तृत ब्योरा होगा। अगर अधिकारी समय पर लोगों को जमीन संबंधित कागजात समय पर उपलब्ध नहीं कराते हैं तो ऐसी स्थिति में अधिकारी पर क्या कार्रवाई हो सकती है। इसका भी जानकारी होगी।

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राजस्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 1992 के बाद लैंड रिकाॅर्ड मैनुअल में संशोधन नहीं हुआ है। हिमाचल प्रदेश में चाहे कांग्रेस की सरकार सत्ता में रही हो या फिर भाजपा। किसी ने इसमें बदलाव नहीं किया। विधानसभा में भी मैनुअल में बदलाव करने की बातें होती रही है। विधायकों ने भी इसमें सुझाव भी दिए, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। पुराने ढर्रे पर ही काम चलता रहा है। इस बार कांग्रेस सरकार ने मैनुअल में बदलाव करने की इच्छा जताई है। इसमें राजस्व जानकारों की राय ली गई है। राजस्व अधिकारियों की इसको लेकर राजस्व मंत्री के साथ बैठक भी हो चुकी है।

प्रदेश सरकार लैंड रिकॉर्ड मैनुअल में संशोधन कर रही है। 34 साल बाद इसमें विस्तार दिया जा रहा है। मैनुअल तैयार है। जल्द ही इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। इससे जनता राहत मिलेगी। - ओंकार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व

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