आध्यात्मिक शांति की तलाश में छोड़ दिया था सब कुछ
अभय सिंह की जीवन यात्रा असाधारण रही है। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कनाडा की एक प्रतिष्ठित एयरोस्पेस कंपनी में उच्च वेतन वाली नौकरी हासिल की लेकिन भौतिक सफलता के बीच उन्होंने आध्यात्मिक शांति की तलाश में सब कुछ छोड़ दिया और सनातन धर्म के मार्ग पर चल पड़े। महाकुंभ में लोग उन्हें इंजीनियर बाबा कहने लगे तब वे आईआईटीयन बाबा के नाम से मशहूर हो गए हालांकि बाबा मीडिया में छाने के बाद विवादों में भी घिरे। 19 जनवरी 2025 को उन्हें गुरु के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोपों में जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया था। अखाड़े की अनुशासन समिति ने उनके अखाड़े के आसपास आने पर भी रोक लगा दी थी। मार्च 2025 में एक टीवी डिबेट के दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना भी हुई। मार्च 2025 में ही जयपुर पुलिस ने उनको गांजा रखने के आरोप में हिरासत में भी लिया था।
शादी के बाद खुश हूं : अभय
अभय सिंह ने बताया कि वे शादी के बाद काफी खुश हैं। वे एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं जहां आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना और पारंपरिक ज्ञान को भी जोड़ा जाएगा। उन्हाेंने कहा कि बड़े परिवार के लिए छोटा परिवार छोड़ना पड़ता है। सांसारिक चीजों से दूर रहना भी जरूरी है।