याचिकाकर्ता पुरुष उम्मीदवारों ने अदालत में दिया ये तर्क
याचिकाकर्ता पुरुष उम्मीदवारों ने अदालत में तर्क दिया कि वे हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 के तहत स्टाफ नर्स के पद के लिए पूरी तरह से योग्य हैं। उनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता है और वे हिमाचल प्रदेश नर्स पंजीकरण परिषद के साथ विधिवत पंजीकृत भी हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग ने इसे लेकर विज्ञापन 6 दिसंबर 2025 और 10 जनवरी 2026 को विज्ञापन जारी किए।
विज्ञापनों में केवल महिला उम्मीदवारों से ही आवेदन मांगे गए
इन विज्ञापनों में केवल महिला उम्मीदवारों से ही आवेदन मांगे गए थे, जबकि पुरुष उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों या नीति में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि स्टाफ नर्स के पदों पर केवल महिलाओं की ही नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि केवल लिंग के आधार पर उन्हें भर्ती से बाहर करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (1) व (2) का सीधा उल्लंघन है। जब योग्यता समान है, तो पुरुषों के साथ भेदभाव करना तर्कसंगत नहीं है।