अदालत ने रिकॉर्ड और दस्तावेजों यानी आरएंडपी नियम, पूर्व विज्ञापन नोटिस और आदेशों का अवलोकन करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता की ओर से दिए गए अभ्यावेदन को 20 दिसंबर 2024 को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए खारिज कर दिया गया था, जो कानूनी रूप से उचित नहीं था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह लंबे समय से बेलिफ के पद पर पदोन्नति का हकदार था। याचिकाकर्ता ने सेवा नियमों के तहत पदोन्नति की पात्रता का हवाला दिया। पहले 6 नवंबर 2024 को जारी भर्ती विज्ञापन को याचिका संख्या सीडब्लूपी 571 of 2025 में पारित आदेशों के बाद 29 मई 2025 को वापस ले लिया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत अभ्यावेदन को 20 दिसंबर 2024 को बिना कोई ठोस कारण बताए खारिज कर दिया गया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है।