याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (संशोधित) नियम, 2016 के तहत खनन से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के हित में इस फंड का उपयोग किया जाना है। नियम 13 में फंड के इस्तेमाल के लिए विभिन्न मद तय की गई हैं। आरोप है कि इन प्रावधानों के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त धन खर्च नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि अकेले बनोर पंचायत ने पिछले 10 वर्षों में करीब पांच करोड़ रुपये का राजस्व सृजित किया है। इसके बावजूद इस क्षेत्र को इस राशि का 25 फीसदी हिस्सा भी विकास कार्यों के लिए नहीं मिला। विकास के नाम पर पंचायत क्षेत्र में केवल 15-15 लाख रुपये के दो कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
डीएमएफटी से खरीदे गए दो वाहन
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए जिला खनन फाउंडेशन ट्रस्ट की प्रबंध समिति ने उपायुक्त सिरमौर और खनन अधिकारी नाहन के लिए दो वाहन खरीदे हैं। दोनों अधिकारियों के पास पहले से सरकारी वाहन उपलब्ध हैं। अन्य खर्चों का भुगतान भी ट्रस्ट फंड से किया जा रहा है।