हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शराब निर्माता मोहन मीकिन कंपनी की गोल्डन ईगल बीयर के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाली डीके एक्सपोर्ट्स को नोटिस जारी किया है। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए डीके एक्सपोर्ट्स और उसके निदेशकों, एजेंटों, वितरकों वडीलरों को गोल्डन ईगल या किसी भी अन्य मिलते-जुलते ट्रेडमार्क, लेबल, लोगो का उपयोग, निर्माण, निर्यात या बिक्री करने से रोक दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
मोहन मीकिन की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह एक प्रतिष्ठित भारतीय कंपनी है, जो पांच दशकों से शराब उद्योग में काम कर रही है। कंपनी के सोलन स्थित कारखाने में 50 से अधिक वर्षों से गोल्डन ईगल ब्रांड नाम से बीयर का उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी के पास गोल्डन ईगल शब्द और ईगल लेबल डिवाइस ट्रेडमार्क दोनों का पंजीकरण है, जो मार्च 2028 तक वैध है। कंपनी ने आरोप लगाए हैं कि डीके एक्सपोर्ट्स ने हाल ही में गोल्डन ईगल नाम का उपयोग करते हुए ब्रांडी बेचना शुरू कर दिया है। डीके ने 21 सितंबर 2024 को गोल्डन ईगल शब्द ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था, लेकिन बिना पंजीकरण के ही इसका उपयोग करना शुरू कर दिया।