फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP High Court : मोहन मीकिन के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने पर डीके एक्सपोर्ट्स को हिमाचल हाईकोर्ट का नोटिस

Sat, 13 Sep 2025 03:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए डीके एक्सपोर्ट्स और उसके निदेशकों, एजेंटों, वितरकों वडीलरों को गोल्डन ईगल या किसी भी अन्य मिलते-जुलते ट्रेडमार्क, लेबल, लोगो का उपयोग, निर्माण, निर्यात या बिक्री करने से रोक दिया है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शराब निर्माता मोहन मीकिन कंपनी की गोल्डन ईगल बीयर के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाली डीके एक्सपोर्ट्स को नोटिस जारी किया है। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए डीके एक्सपोर्ट्स और उसके निदेशकों, एजेंटों, वितरकों वडीलरों को गोल्डन ईगल या किसी भी अन्य मिलते-जुलते ट्रेडमार्क, लेबल, लोगो का उपयोग, निर्माण, निर्यात या बिक्री करने से रोक दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

विज्ञापन


मोहन मीकिन की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह एक प्रतिष्ठित भारतीय कंपनी है, जो पांच दशकों से शराब उद्योग में काम कर रही है। कंपनी के सोलन स्थित कारखाने में 50 से अधिक वर्षों से गोल्डन ईगल ब्रांड नाम से बीयर का उत्पादन किया जा रहा है। कंपनी के पास गोल्डन ईगल शब्द और ईगल लेबल डिवाइस ट्रेडमार्क दोनों का पंजीकरण है, जो मार्च 2028 तक वैध है। कंपनी ने आरोप लगाए हैं कि डीके एक्सपोर्ट्स ने हाल ही में गोल्डन ईगल नाम का उपयोग करते हुए ब्रांडी बेचना शुरू कर दिया है। डीके ने 21 सितंबर 2024 को गोल्डन ईगल शब्द ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था, लेकिन बिना पंजीकरण के ही इसका उपयोग करना शुरू कर दिया।

विज्ञापन

डीके एक्सपोर्ट्स ने सिर्फ शब्द ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया है, लेकिन वे ईगल लोगो का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मोहन मीकिन के पंजीकृत ट्रेडमार्क का सीधा उल्लंघन है। अदालत ने दोनों कंपनियों के लेबल की जांच करने के बाद पाया कि डीके एक्सपोर्ट्स का लेबल मोहन मीकिन के ट्रेडमार्क से मिलता-जुलता और भ्रामक है। अदालत ने प्रथम दृष्टया में इसे ट्रेडमार्क का उल्लंघन पाया। अदालत ने कहा कि डीके की ओर से इस उल्लंघन को जारी रखने से जनता के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और वे डीके के उत्पाद को मोहन मीकिन का उत्पाद मान सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें