वन विभाग ने अदालत में दलील कि उम्मीदवारों ने तय समय के भीतर अपने शैक्षणिक और मेडिकल दस्तावेज जमा नहीं कराए थे। हालांकि, कोर्ट ने विभाग की इन दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पूरी हो चुकी थी और चयन एजेंसी ने किया था, तब विभाग बाद में उनकी पात्रता पर सवाल उठाकर ज्वाइनिंग से इन्कार नहीं कर सकता। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत चुने गए कई अन्य उम्मीदवारों को विभाग ने ज्वाइनिंग दे दी थी। अदालत ने इसे भेदभावपूर्ण और कानून के विपरीत करार दिया।