अमर उजाला ने किया था मामले को उजागर
अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में काम का दबाव घटाने के लिए शिक्षकों ने खुद तैनात कर दिए प्री-प्राइमरी टीचर शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय जल्द ही एक विशेष जांच टीम ऊना भेजेगा, जो स्कूलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया, अनुमति और वित्तीय प्रावधानों की जांच करेगी। जांच में देखा जाएगा कि नियुक्तियां किन परिस्थितियों में की गईं और इसके लिए किस स्तर पर निर्णय लिया गया। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक भर्ती के लिए केंद्र सरकार से मांगी है छूट : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार से नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स को लेकर छूट मांगी गई है। 6200 शिक्षकों की भर्ती के लिए बीते साल प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन पात्र शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के चलते भर्ती पूरी नहीं हो सकी। वर्तमान में जेबीटी शिक्षकों को नर्सरी और केजी के बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा सौंपा है।
उपनिदेशक से मांगी रिपोर्ट, शिमला से भी जाएगी जांच टीम : कोहली
सरकार से मंजूरी लिए बिना स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा सकती। ऊना में अगर नियमों के खिलाफ जाकर शिक्षकों ने अपना काम कम करने के लिए इस प्रकार से भर्तियां की हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा उपनिदेशक ऊना से रिपोर्ट मांगी गई है और निदेशालय से भी एक जांच टीम ऊना भेजी जाएगी।- आशीष कोहली, स्कूल शिक्षा निदेशक
जयराम सरकार के समय से चल रही भर्ती प्रक्रिया
प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में 6200 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्व की जयराम सरकार के समय से जारी है। मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से नर्सरी टीचर ट्रेनिंग का दो वर्ष का डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या नाममात्र होने के चलते मामला कई वर्षों से अधर में लटका हुआ है।