हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ता जारी करने के आदेश दिए हैं। यह लंबित डीए करीब 12 फीसदी है। इसका लाभ हिमाचल काडर के वर्ष 2003 के बाद नियुक्त आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों समेत एनपीएस पेंशन का विकल्प देने वाले सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा। इनकी संख्या करीब 1,300 बताई जा रही है। इसे जारी करने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि अगर पूरा डीए जारी नहीं किया तो इनके भविष्य के पेंशन लाभों पर असर पड़ेगा।
प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार के अनुसार यह पाया गया है कि जो कर्मचारी अभी भी एनपीएस में शामिल हैं, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार के महंगाई भत्ते की दरों में अंतर के कारण अपने भविष्य के पेंशन लाभों के संबंध में नुकसान हो रहा है। इसलिए निर्णय लिया गया है कि सभी एनपीएस कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता लागू तिथियों से केंद्र सरकार की दरों और समय-समय पर संशोधित दरों के अनुसार स्वीकार्य होगा। यानी भविष्य में भी जब केंद्र सरकार महंगाई भत्ता जारी करेगी तो भी उन्हें राज्य सरकार को उसी समय महंगाई भत्ता देना होगा।
ओपीएस का विकल्प चुनने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को भी डीए देने का रास्ता साफ
इस आदेश के बाद पुरानी पेंशन यानी ओपीएस का विकल्प चुनने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को भी डीए देने का रास्ता साफ हो गया है। हिमाचल प्रदेश में ओपीएस के तहत दो लाख कर्मचारी और डेढ़ लाख पेंशनर भी महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का इंतजार कर रहे हैं। संभव है कि दिवाली पर सरकार इन्हें भी तोहफा दे। महंगाई भत्ते की कम से कम एक किस्त यानी 4 फीसदी डीए सभी कर्मचारियों को जारी किया जा सकता है। यह उल्लेखनीय है कि कुछ कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के नेता पिछले कुछ समय से इसे जारी करने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं।