मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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हिमाचल सरकार किसानों से गोबर (कंपोस्ट) खरीद के लिए दिल्ली के बजाय अब मंडी की कंपनी से करार करने की तैयारी कर रही है। गोबर खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया में तीन कंपनियों ने भाग लिया था, दिल्ली की कंपनी ने सरकार की शर्तें नहीं मानीं। इसलिए अब सरकार ने कृषि विभाग को टेंडर में भाग लेने वाली हिमाचल के मंडी की कंपनी से वार्ता शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गोबर खरीद को लेकर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सरकार की यह योजना लागू हो सकेगी।
कांग्रेस सरकार ने चुनावों में प्रदेश के पशुपालकों से गोबर खरीद की गारंटी दी थी। अब सरकार ने किसानों से तीन रुपये प्रति किलो के आधार पर गोबर (कंपोस्ट) ऑर्गेनिक जैविक खाद खरीदने का फैसला लिया है। सरकार ने शर्त रखी है कि कंपोस्ट के लिए कंपनी किसानों को 5, 10, 25 और 50 किलो के बैग उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा कंपोस्ट में पोषक तत्वों की जांच के लिए कृषि विभाग की लैब में जांच की जाएगी।
किसान बोले, आर्गेनिक खाद उपलब्ध करवाए सरकार, हम खरीदेंगे
कृषि विभाग ने उपमंडल स्तर पर गोबर खरीद योजना को लेकर फीडबैक लेने के लिए सर्वे शुरू किया है। किसान-बागवानों का कहना है कि उन्हें अपने खेतों और बगीचों के लिए हमेशा खाद की किल्लत रहती है। सरकार हमें आर्गेनिक खाद उपलब्ध करवाए, हम खरीदेंगे।
आर्गेनिक खाद खरीद के लिए दिल्ली की कंपनी बैक आउट कर गई है। विभाग के अधिकारियों को टेंडर में भाग लेने वाली दूसरी मंडी की कंपनी से बातचीत के निर्देश दिए हैं। कंपनी किसानों को खाद खरीद के लिए बैग उपलब्ध करवाएगी और कृषि विभाग की प्रयोगशालाओं में पोषक तत्वों की जांच भी की जाएगी-
प्रोफेसर चंद्र कुमार, कृषि मंत्री