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हिमाचल: छात्र की मौत पर पिता ने आईआईएम प्रबंधन पर उठाए सवाल, एसआईटी करेगी जांच

Mon, 24 Aug 2026 09:01 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/पांवटा साहिब (सिरमौर)।

सार

नाहन और पांवटा साहिब में पत्रकार वार्ता कर उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की मौत से पहले और बाद में प्रबंधन की ओर से उठाए गए कदम कई सवाल खड़े करते हैं। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है।
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प्रारब्ध शुक्ला, पिता अनुपम शुक्ला ने की पत्रकार वार्ता। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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आईआईएम धौलाकुआं में बीएमएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रारब्ध शुक्ला की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में उसके पिता अनुपम शुक्ला ने संस्थान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नाहन और पांवटा साहिब में पत्रकार वार्ता कर उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की मौत से पहले और बाद में प्रबंधन की ओर से उठाए गए कदम कई सवाल खड़े करते हैं। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। अनुपम ने आरोप लगाया कि घटना से करीब तीन दिन पहले प्रारब्ध ने अपनी बाजू पर कट लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।

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इसके बावजूद संस्थान ने इसकी जानकारी अभिभावकों को नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रबंधन को बेटे की मानसिक स्थिति और इस प्रयास की जानकारी थी तो उसे अकेले क्यों रहने दिया गया और परिवार को तत्काल सूचित क्यों नहीं किया गया। समय रहते जानकारी मिलती तो परिवार बेटे को घर ले जाकर उसका उपचार करवा सकता था। आज उनका बेटा जीवित होता। पिता ने यह भी सवाल उठाया कि बेटे से संपर्क नहीं होने के बाद परिवार ने जब संस्थान से संपर्क किया, तभी घटना की जानकारी सामने आई। चिकित्सकों ने भी बच्चे की मौत काफी पहले होने की बात की थी। अनुपम ने कहा कि वर्ष 2024 में आईआईएम में दाखिला लेने के कुछ समय बाद कुछ सहपाठियों की ओर से प्रारब्ध को कथित तौर पर परेशान किए जाने की जानकारी मिली थी।  उनका आरोप है कि कुछ छात्र रात में उसके कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा देते थे और वह पूरी रात कमरे में बंद रहता था। सुबह वार्डन या अन्य कर्मचारी ताला खोलते थे। पिता के अनुसार यह मामला प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए भी दबाव बनाया गया।

कमरे और शव को लेकर भी उठाए सवाल
अनुपम ने दावा किया कि बेटे के कमरे से कुछ सामान गायब है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस दुपट्टे से फंदा लगाने की बात सामने आई है, वह छात्र के कमरे में कहां से आया। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए। पिता ने कहा कि जब मामले की जांच चल रही है तो संस्थान ने प्रारब्ध के बैच के छात्रों को करीब एक सप्ताह की छुट्टी देकर हॉस्टल खाली करवा दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच के बीच हॉस्टल और छात्रों से जुड़े संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के बजाय इसे खाली करवाने का निर्णय क्यों लिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो भी मीडिया के सामने साझा किया। उनका दावा है कि वीडियो में छात्रों को मामले पर बोलने से बचने की हिदायत दी जा रही है और उनके भविष्य पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अनुपम शुक्ला ने कहा कि बेटे की मौत को केवल आत्महत्या मानकर जांच सीमित नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही, मानसिक उत्पीड़न, कथित दबाव और अन्य सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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प्रारब्ध शुक्ला की संदिग्ध हालात में मृत्यु के संबंध में 22 अगस्त को पुलिस थाना माजरा में अभियोग संख्या धारा 125 व 106(1) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत उसके पिता अनुपम शुक्ला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पांवटा साहिब मानवेन्द्र ठाकुर एचपीएस की अध्यक्षता में एसएचओ माजरा एसआई कुलदीप सिंह, जांच अधिकारी एएसआई आशीष कुमार, एचसी इंद्रजीत, एचसी रोहित, एचसी कमाल खान और आरक्षी अशोक कुमार की एसआईटी गठित की गई है। -एनएस नेगी, एसपी सिरमौर
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