ओपन महिला वर्ग की फुल मैराथन में अर्पिता सैनी ने पहला स्थान हासिल किया। जबकि इथोपिया की फायरहिवट दूसरे और टेनजिन डोल्मा तीसरे स्थान पर रहीं। 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में पुरुष ओपन वर्ग में नीरज ने पहला, उदित ने दूसरा और मनीष पांडे ने तीसरा स्थान हासिल किया। महिला ओपन वर्ग में ज्योति ने पहला, रूबी कश्यप ने दूसरा और रम्मी पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके अलावा 35 से 44 वर्ष पुरुष वर्ग में आकाश कुमार पहले, बीर बहादुर राय दूसरे और संदीप कुमार तीसरे स्थान पर रहे। 35 से 44 वर्ष महिला वर्ग में सीमा पहले स्थान, दीप्ति रानी दूसरे स्थान पर तथा मुकेश कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।इसके अतिरिक्त 45 से 55 वर्ष के पुरुष वर्ग में विजय कुमार पहले, बसंत प्रधान दूसरे और मुकेश कुमार तीसरे स्थान पर रहे। 45 से 55 वर्ष के महिला वर्ग में दिव्या पहले स्थान पर रहीं, जबकि 55 वर्ष से अधिक के पुरुष वर्ग में चरण सिंह पहले, तारा चंद दूसरे और कैप्टन सुरेश चंद तीसरे स्थान पर रहे। 55 वर्ष से अधिक के महिला वर्ग में दिव्या वशिष्ठा ने पहला स्थान हासिल किया। दस किलोमीटर दौड़ प्रतियोगिता में पुरुष ओपन वर्ग से महेंद्र सिंह पहले, अक्षय ने दूसरा और आशुतोष ने तीसरा स्थान हासिल किया। महिला ओपन वर्ग में ऊना की गार्गी शर्मा ने पहला, ज्योति बाला दूसरे और श्रेया तीसरे स्थान पर रही।
मैराथन के समापन समारोह में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने विजेता धावकों को पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, परियोजना अधिकारी डीआरडीए भानु प्रताप सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि धर्मशाला मैराथन भविष्य में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकती है। इससे न केवल युवाओं को खेलों की ओर प्रेरणा मिलेगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में धर्मशाला मैराथन और अधिक भव्य एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनेगा, जिससे धर्मशाला की पहचान खेल पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगी।