वहीं श्मशानघाट में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड नंबर-5 में रहने वाली 85 वर्षीय महिला का 16 दिसंबर को देहांत हो गया था। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने विधि-विधान के अनुसार अस्थियों को श्मशानघाट स्थित लॉकर में रख दिया और 10वें दिन हरिद्वार में उसका विसर्जन करना था।
बुधवार को जब परिजन अस्थियां लेने श्मशानघाट पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। लॉकर का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखा अस्थियों का लौटा और पूजा की थाली गायब थी। मृतक महिला के बेटे कमल पाल ने बताया कि जब वह अस्थियों को निकालने श्मशानघाट पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। वहां से जहां अस्थियों का लोटा व पूजा थाली गायब थी। वहीं चोर ताला भी चुराकर ले गए। जबकि ताले की तीनों चाबियां उनके पास थी।
उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की यह पहली घटना है। अस्थियों के चोरी होने की बात उन्होंने हरिद्वार में फोन के माध्यम से पंडितों को बताई तो उन्होंने कहा कि अब चांदी की अस्थियां बनाकर उसे गंगा में प्रवाहित किया जाएगा। जिसके लिए वह हरिद्वार निकल गए। हालांकि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दे दी है और दोषियों को जल्द पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, एसपी सोलन गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस के मामले मामले की शिकायत आई है। पुलिस जांच कर रही है।