आयोग सख्त कदम उठाने की तैयारी में
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का मानना है कि यदि मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक लगाई जाती है, तो इस प्रकार की अनियमितताओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। हालांकि, इस निर्णय को लागू करने से पहले आयोग कानूनी पहलुओं की भी गहन जांच कर रहा है। इसके लिए विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है, ताकि कोई भी फैसला संविधान और चुनावी कानूनों के अनुरूप हो। बताया जा रहा है कि यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो मतदान केंद्र के बाहर ही मतदाताओं को मोबाइल जमा करवाने की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम और कर्मचारियों की तैनाती भी करनी पड़ सकती है। हालांकि, आयोग यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि इस व्यवस्था से मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
चुनाव विशेषज्ञों का ये कहना
चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन पर रोक लगाने से वोट दिखाने जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी और मतदाता बिना किसी दबाव के स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकेंगे। फिलहाल, इस मुद्दे पर आयोग के भीतर मंथन जारी है और अंतिम निर्णय जल्द लिया जा सकता है। यदि यह फैसला लागू होता है, तो आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने कहा कि मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं पर वोट देने पर दबाव नहीं बना सकते।