हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच और पोषण कार्यक्रमों को लेकर शिक्षा निदेशालय ने बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य जांच शिविरों के दौरान नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के प्रत्येक विद्यार्थी की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) गोलियों और कृमिनाशक दवाओं के वितरण में कोई भी छात्र छूटना नहीं चाहिए। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण को शत-प्रतिशत कवरेज के साथ पूरा करना राज्य सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।