स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से बुधवार को जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय वित्त विभाग के वर्ष 2012 और 2014 में जारी स्पष्टीकरणों के आधार पर लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि पात्र प्रवक्ताओं को 8 अगस्त 2012 तक नोशनल आधार पर तथा 9 अगस्त 2012 से वास्तविक वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएंगे। आदेश की प्रतियां महालेखाकार कार्यालय, उपनिदेशकों और संबंधित स्कूलों को भी भेजी गई हैं, ताकि लाभार्थियों के मामलों में आगे की कार्रवाई की जा सके।
यह मामला वर्षों से लंबित था और विभिन्न स्तरों पर स्पष्टीकरण मांगे जा रहे थे। अब आदेश जारी होने से प्रभावित शिक्षकों को वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अब सभी लाभ ऑडिट सत्यापन के अधीन होंगे। यदि भविष्य में किसी प्रकार की अतिरिक्त भुगतान या त्रुटि सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को पूरी राशि एकमुश्त वापस करनी होगी। इसके लिए लाभार्थियों से लिखित अंडरटेकिंग लेने और उसे सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अंडरटेकिंग पूरी होने के बाद ही एरियर का भुगतान किया जाएगा।