हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को निलंबित करने की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मुकदमे के दौरान 12 साल तक फरार रहने वाले और कानून की प्रक्रिया से बचने वाले अपराधी को ऐसी राहत नहीं दी जा सकती। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि कम अवधि की सजा वाले मामलों में सजा का निलंबन एक सामान्य नियम हो सकता है, लेकिन दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा को निलंबित करना अपवाद होना चाहिए न कि नियम। अदालत ने यह आदेश प्रीत सिंह की अर्जी पर सुनवाई के बाद जारी किया।