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हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुक्खू ने लगाए राधे-राधे और राम-राम के नारे, सोशल मीडिया पर हो रहे थे ट्रोल

Mon, 01 Dec 2025 03:32 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में वॉकथॉन के आयोजन के दौरान मंच से राधे-राधे, राम-राम नारे लगाए हैं। अब उनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू नारे लगाते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बीते दिनों साई मैदान में बच्चों के साथ बात कर रहे थे। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री को नमस्कार के बजाय राधे-राधे कहा था। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूछा कि राधे-राधे क्यों बोल रहे हो। इसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल्स से इस वीडियो को काफी ज्यादा वायरल किया जा रहा था।

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कथावाचक देवकीनंदन ने सीएम सुक्खू पर साधा निशाना
मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब कथावाचक देवकीनंदन ने भी मुख्यमंत्री सुक्खू पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक प्रदेश का मुखिया बच्चों को यह कहने से रोकते हैं कि तुम राधे-राधे क्यों कहते हैं? प्रदेश का मुखिया विधर्मी नहीं हैं, सनातनी (हिंदू) है, लेकिन मुखिया कह रहे हैं कि आप राधे-राधे क्यों कह रहे हैं, क्या ये भारत है, जबकि हिमाचल देवभूमि है। देवकीनंदन महाराज कहते हैं कि अगर आपको नहीं बोलना है तो मत बोलिये। वह कहते हैं कि जैसे पति को छोड़ने पर पत्नी विधवा हो जाती है, वैसे ही धर्म को छोड़ने पर मनुष्य विधवा हो जाता है। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी मानसिकता को सनातन विरोधी करार दिया।
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सीएम ने धर्मशाला में लगाए राधे-राधे के नारे
इसी बीच सोमवार को विवाद के चलते मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला में वॉकथॉन के आयोजन के दौरान मंच से राधे-राधे, राम-राम नारे लगाए हैं। अब उनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अभी तो जनता की भावना के सामने मुख्यमंत्री को एक रात में अपने विषय बदलने पड़े हैं, लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के 97 प्रतिशत से अधिक सनातनी और हिंदू समाज 2027 में कांग्रेस सरकार को पूरी तरह सत्ता से बाहर बैठाने का मन बना चुका है। अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं के सम्मान का प्रश्न है। भाजपा सनातन मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार के अपमान को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री बच्चों को राधे-राधे बोलने से रोकने के लिए मांगें माफी : केशव चौहान
भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बच्चों को 'राधे-राधे' जैसे पवित्र नाम का उच्चारण करने से रोकने की घटना पर दुख और विरोध जताया है। भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह व्यवहार न केवल प्रदेश की संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के विपरीत है, बल्कि इससे करोड़ों सनातन धर्म प्रेमियों की आस्था को भी गंभीर ठेस पहुंची है।

जिला अध्यक्ष भाजपा शिमला केशव चौहान ने कहा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है, वहां के मुखिया इस तरह के तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। यह कांग्रेस की धर्म विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। मुख्यमंत्री की वजह से करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान हुआ है। केशव चौहान ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था और धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। मुख्यमंत्री का यह कृत्य धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हनन भी है। उन्होंने कहा कि यह घटना कांग्रेस की ओछी और तुष्टीकरण पर आधारित राजनीति का हिस्सा है, जो केवल वोट बैंक के लिए हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर हमला कर रही है। जिला शिमला भाजपा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह तत्काल इस असंवेदनशील टिप्पणी के लिए प्रदेश की जनता और सनातन धर्म के अनुयायियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। 
 
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